6 सितंबर 2020 - 18:42
इस्राईल पर है ईरान का पुराना बक़ाया, एक अरब डालर से अधिक का हर्जाना अदा करने पर मजबूर हो सकता है इस्राईल!

समाचार एजेंसी इलना के अनुसार स्वीज़रलैंड में एक अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने ज़ायोनी शासन से कहा है कि वह ईरान की तेल पाइपलाइन से संबंधित एक अरब डालर की रक़म अदा करे और साथ ही 10 करोड़ डालर की रक़म हर्जाने के रूप में चुकाए।

तेल पाइपलाइन असक़लान पाइपलाइन के नाम से मशहूर थी जिसके माध्यम से ईरान का तेल इस्राईल यूरोपीय देशों को भेजता था। यह प्रक्रिया इस्राईल और ईरान की शाही सरकार के बीच हुए समझौते के आधार पर अंजाम दी जा रही थी। ईरान में 1979 में इस्लामी क्रान्ति आने के बाद इस्राईल से ईरान के संबंध ख़त्म हो गए तो उस समय इस तेल पाइपलाइन में लगभग 80 करोड़ टन कच्चा तेल बाक़ी था जिसे इस्राईल ने निकाल लिया और इसका पैसा अदा नहीं किया।

ईरान ने इस मामले की शिकायत स्वीज़रलैंड में स्थित अंतर्राष्ट्रीय अदालत में की थी। अदालत ने इस मामले में ईरान के हक़ में फ़ैसला दिया और इस्राईल पर 10 करोड़ डालर का जुर्माना लगा दिया।

शाही सरकार के दौर में इस्राईल को ईरान से ज़रूरत का तेल मिलता था जबकि ख़ुफ़िया तेल पाइपलाइन के माध्यम से ईरान का तेल इस्राईल होकर यूरोपीय देशों को भी निर्यात किया जाता था।

समझौते के आधार पर कोई भी विवाद हो तो उसे स्वीज़रलैंड की अदालत में हल किया जाना था जिसके आधार पर ईरान ने दो दशक पहले यह मामला अदालत में उठाया था। इसका फ़ैसला पांच साल पहले आया और अदालत ने इस्राईल से कहा कि वह एक अरब दस करोड़ डालर की रक़म ईरान को अदा करे। इस्राईल ने इस फ़ैसले पर पुनरविचार की अपील की मगर एक साल बाद दोबारा अदालत ने फ़ैसला सुनाया तो पिछले फ़ैसले में कोई बदलाव नहीं किया और इस्राईल से कहा कि वह रक़म अदा करे।

परमाणु समझौता हो जाने के बाद इस्राईल के पास यह पूरी रक़म अदा करने से बचने का कोई बहाना नहीं बचा था मगर अमरीका इस समझौते से निकल गया तो इस्राईल को एक बार फिर बहाना मिल गया कि उसके पास कोई वित्तीय चैनल नहीं है जिसके माध्यम से वह ईरान को यह रक़म अदा करे।